आज का पंचांग
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दिन की तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त और समय — आपके डिवाइस पर 200+ भारतीय शहरों और तीर्थों के लिए, आपकी भाषा में तुरंत गणना की गई। किसी अकाउंट की आवश्यकता नहीं।
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उज्जैन के लिए आज का पंचांग दिखाया जा रहा है। नीचे अपना शहर चुनें — यह इस डिवाइस पर सहेज लिया जाएगा।
8 सितंबर 2026उज्जैन — द्वादशी (कृष्ण पक्ष), मंगलवार
मासभाद्रपद
विक्रम संवत2083
ऋतुवर्षा
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय06:11
सूर्यास्त18:38
राहु काल15:31 – 17:04
Reckoned from sunrise, the traditional tithi for the day.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- पंचांग क्या है? — पंचांग एक दिन का हिंदू पंचांग (अल्मानैक) है, जो पाँच अंगों से मिलकर बनता है — तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग और करण। ये मिलकर दिन की प्रकृति और उसके शुभ तथा सावधानी वाले घंटों को दर्शाते हैं।
- राहु काल क्या है और लोग इससे क्यों बचते हैं? — राहु काल दिन के समय का आठवां भाग होता है, जो सप्ताह के दिन के अनुसार बदलता है। परंपरा में इस समयावधि के दौरान नए कार्यों की शुरुआत से बचने का नियम है; ऊपर दिया गया पंचांग आपके शहर के लिए आज का सटीक राहु काल दिखाता है।
- पंचांग हर शहर के अनुसार क्यों बदल जाता है? — हिंदू दिन की शुरुआत स्थानीय सूर्योदय से होती है, और सूर्योदय का समय अक्षांश, देशांतर और ऊंचाई के साथ बदलता है। Mera Vansh आपके शहर के अपने सूर्योदय की गणना करता है — जिसमें केदारनाथ जैसे उच्च-ऊंचाई वाले तीर्थों के लिए क्षितिज सुधार भी शामिल है — ताकि समय सारणी पूरी तरह से आपकी सटीक लोकेशन के अनुसार हो।
- क्या यह पंचांग सटीक है? — हाँ — इसकी गणना भारत के राष्ट्रीय कैलेंडर द्वारा अपनाए गए लाहिड़ी अयनांश का उपयोग करके Mera Vansh के अपने खगोलीय इंजन से की जाती है, और इसका परीक्षण प्रकाशित पंचांगों के साथ किया गया है। यही इंजन Mera Vansh में हर जगह पंचांग की गणना करता है, आपके डिवाइस पर, यहाँ तक कि ऑफ़लाइन भी।
- आज के पंचांग में ऋतु और अयन क्या हैं? — ऋतु वर्ष का मौसम है — वसंत से लेकर शिशिर तक कुल छह ऋतुएं होती हैं, जिनमें से प्रत्येक दो हिंदू महीनों तक रहती है। अयन सूर्य की वार्षिक यात्रा के उस आधे भाग को दर्शाता है जिसमें हम हैं: उत्तरायण (सूर्य की उत्तर दिशा की ओर गति) या दक्षिणायन (दक्षिण की ओर गति)। इसे ग्रेगोरियन संक्रांति तिथियों के बजाय पारंपरिक नाक्षत्र (sidereal) पद्धति से माना जाता है। आज के लिए ये दोनों ऊपर दिए गए हैं।
- परिवार हर दिन पंचांग क्यों देखते हैं? — पंचांग केवल एक तारीख नहीं है — यह दिन का स्वभाव है, वही तिथि जिसे आपके दादा-दादी ने उसी त्योहार के लिए माना था, वही राहु काल जिसे आपका परिवार हमेशा ध्यान में रखता आया है। इसे रोज़ देखना केवल आंकड़ों के बारे में नहीं है, बल्कि उस लय के साथ जुड़े रहने के बारे में है जो पीढ़ियों से चली आ रही है।

